नारी शक्ति
- डॉ.संध्या'राज'मेहता
नारी तुम शक्ति ,शौर्य ,साहस,
त्याग की मूरत प्यारी हो।
तुम्हीं लक्ष्मी ,सरस्वती, सीता,सावित्री,
तुम्हीं काली कलकत्ते वाली हो।
पुत्री,बहन ,पत्नी,माता हो या सखा,
हर रूप में तुम निराली हो।
तुमसे ही घर स्वर्ग है,
तुम इस स्वर्ग की चार दीवारी हो।
तुम हो तो हर दिन दीवाली है,
वर्ना दीवाली भी केवल अमावस काली है।
- डॉ.संध्या'राज'मेहता
नारी तुम शक्ति ,शौर्य ,साहस,
त्याग की मूरत प्यारी हो।
तुम्हीं लक्ष्मी ,सरस्वती, सीता,सावित्री,
तुम्हीं काली कलकत्ते वाली हो।
पुत्री,बहन ,पत्नी,माता हो या सखा,
हर रूप में तुम निराली हो।
तुमसे ही घर स्वर्ग है,
तुम इस स्वर्ग की चार दीवारी हो।
तुम हो तो हर दिन दीवाली है,
वर्ना दीवाली भी केवल अमावस काली है।
डॉ.संध्या'राज'मेहता
मीरा रोड
9029208468
Beautiful poem👌
ReplyDeleteThanks, बहुत बहुत धन्यवाद.
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