Saturday, October 15, 2011

मनवा मत हो तू उदास

मनवा मत हो उदास तू आज ......२७.७.११


मनवा मत हो उदास तू आज
करले चार दिनों की जिन्दगी पर तू नाज़ 
मनवा मत हो उदास तू आज......

मन के पंछी उड़ान भर रे,
दुःख के बादल पीछे कर दे,
सुख -दुःख से तू ऊपर उड़ रे,
उड़ ले ..उड़ ले..उड़ ले ..उड़ ले..
उड़ ले ऊँची उड़ान उड़  ले...

मनवा मत हो उदास तू आज|

तेरी राहों में पत्थर ही सही,
तेरी किस्मत बंजर भी नहीं,
श्रम की बूंदों से सींच जमीं,
सींच ले..सींच ले..सींच ले..सींच ले..
तेरे परों में ताकत सींच ले ...

मनवा मत हो उदास तू आज|

ममता जकडे,माया जकड़े,
प्रेम के बंधन तुझको पकड़े,
अरमानों के सपने हरदम अकड़े,
नियति के सब खेल हैं तगड़े,
प्रभू नाम की धून जपले...
 जप ले ..जप ले..  जप ले ..जप ले..    
जप ले प्रभू नाम तू पगले..

मनवा मत हो उदास तू आज|
 करले चार दिनों की जिन्दगी पर तू नाज़| 
 भर ले.. भर ले.. भर ले.. भर ले.
 भर ले तू ऊँचीं उड़ान भर ले ...

 

Wednesday, August 3, 2011

मामा-भांजी ..अदिति और गिरीश मामा
 लडकी ढूंढो
  मामा के लिए
add by aditi....sponser ......sandhya raj mehta...

Tuesday, August 2, 2011

अपने और सपने



"खुद के लिए जिए ,खुद के लिए मरे|
जिए तो क्या जिए ,मरे तो क्या मरे|"

उपरोक्त उक्ति चरितार्थ करने में सदा लगी,
सोच विचार का दायरा सदा बढाने में लगी|

अपनों के लिए कार्य करो, अपनों को मदद करो,
अपनों के लिए जियो अपनों के लिए मरो|

अपनापन का भाव लेकर जीवन में आगे बढ़ी ,चल पड़ी,
वर्षों बीत गए अपनों  पर मरी ,अपनों के लिए लड़ी|

जब अपनों की ठोकर लगी ,सपनों की नींद जगी|
तब कई  और नई  कहावत दिल में घर करने लगी|

"न खुद के लिए जियो ,न केवल अपनों के लिए जियो,
न अपनापन की चाह में जियो ,न मर मर के जियो|"

"जियो तो सिर्फ अपने सपनों के लिए जियो,
मरो तो अपने सपने साकार करने के लिए मरो"

अपने सपने साकार करने में लहू की हर एक बूँद लगा दे,
अपनों से मत अपेक्षा रख बन्दे, अपने न जाने कब दगा दे|





Sunday, July 17, 2011

हिंदी निबंध हेतु काव्य-पंक्तियाँ

हिंदी निबंध हेतु काव्य-पंक्तियाँ 

देशभक्ति ,राष्ट्रभाषा ,संस्कृति ,परिवार,वृक्ष ,प्रकृति इत्यादि -:
"जो भरा नहीं भावों से,
 बहती जिसमें रसधार नहीं,
वह ह्रदय नहीं पत्थर है,
जिसे स्वदेश से प्यार नहीं|"

आत्मकथा 
"जिन्दगी ऐसी बना,ज़िंदा रहे दिलसाज़ तू,
जब तू न रहे दुनिया में,दुनिया को याद आए तू|" 
जीवन में संतोष-
"हर कोई स्नेह की क़द्र करता नहीं,
हर एक फूल मंदिर पर चढ़ता नहीं|
हजारों राहगीर राह से गुजर जाते हैं मगर ,
 हर कोई सफलता की मंजिल तक पहुंचता नहीं|"
 वृक्ष -
"मुस्कराहट इन्हीं से मिलती है ,
एक राहत इन्हीं से मिलती है|
रूठना मत कभी इन वृक्षों से,(किताबों से)
गुनगुनाहट इन्हीं से मिलती है|"
"भूगोल बने इतिहास जगे,
 ऐसा कुछ परिवर्तन कर दो|
ओ तरूण देश के यों महको,   
घर आँगन को चन्दन कर दो|"

नदी किनारे-
"मंद पवन के झोंके,
शांत लहरों का प्रवाह,
खग समूह का उन्मुक्त विचरण,
यही है नदी-किनारे का स्मरण|"
संगणक-
दुनिया हो चाहे जेब में,
मानव स्वयं कमरे की कैद में|
लाखों रिश्ते जोड़ के,
अपनों से नाते तोड़ ले|

विज्ञान -
विशेष ज्ञान ही नहीं ,विनाशकारी ज्ञान भी है यह,
मानव ही नहीं दानव के लिए भी वरदान है यह|

 केवल हंगामा खडा करना मेरा मकसद नहीं,
मै तो विज्ञान की सही तस्वीर दिखाना चाहता हूँ|

उठे समाज तेरे कंधे पर,
 बढे प्रगति के प्रांगन में,
भूतल को रख दिया उठाकर ,
तूने नभ के आँगन में| 
परीक्षा\शिक्षक /hindihindi
बिखरो तुम नई मुस्कान ,
फिर जग में नया सवेरा हो|
घृणा का पाप धोकर,
स्नेह धारा में नहाओ तुम ,
नए युग में विचारों की
नई गंगा बहाओ तुम|
भारतीय किसान
ऋण में जन्मा,ऋण में पला, ऋण में जिया-मरा|
श्रम के इस सिपाही पर भी एक नजर डालें ज़रा|
मेरे देश की धरती, सोना उगले, उगले हीरे मोती|
 किसानों ने की हरित क्रान्ति, वरना एसिड की वर्षा होती|
कठोर परिश्रम और लगन से ,

खेतों को उसने है तराशा| 

सबको मिले अन्न,हर मन प्रसन्न,
यही है किसानों की अभिलाषा|
तुम सागर मंथन कर सकते हो,
तुम पर्वत से टकरा सकते हो,
तुम जीवन संगीन मौत के
घर में घुसकर गा सकते हो|
जल ही जीवन
पाँच तत्वों से बना शरीर ,
 जल उनमें से है एक,
जल से ही जीवन है ,
जल के हैं गुण अनेक|
रहिमन पानी राखिए,बिन पानी सब सून|
पानी गए न ऊबरे ,मोती,मानूष ,चून|                         a
सैनिक -
हम भारत के भावी सैनिक,
शांति हमारा नारा है|
अगर कोई हमसे लड़ना चाहे,
सम्मान हमें भी प्यारा है|
चातक प्यासा वर्ष बिताता ,
स्वाती बूँद की चाह में,
में विरह के क्षण बिताती ,
पुनः मिलन की आस में|-सैनिक की पत्नी
तन है घायल,मन है भीना ,
फिर भी कितना जोश है| 
भारत माँ के लिए जीना- मरना,
केवल यही एक होंश है|
परीक्षा
कई निडर ,कई दीवाने बने फिरते हैं|
परीक्षा के मौसम में सबके दिल धड़कते हैं|
दिन- दूनी, रात- चौगुनी, मेहनत की तमाम है,
नींद गई, चैन गया,खाना पीना हराम है|
क्या बताएं यारों कितने हम परेशान हैं,
देखकर हमारी हालत ,शिक्षक भी हैरान है|
अभिशाप-
जागो फिर एक बार ,
सिंहों की माँदों में ,
आया है एक स्यार ,
जागो फिर एक बार|- भ्रष्टाचार रूपी स्यार ,महंगाई रूपी स्यार ,आतंकवाद, 
विज्ञान  ,अशिक्षा ,प्रदूषण 
दीपावली-
जगमग जलते दीप अन्धकार हरते हैं|
अमावस की रात में तारों से चमकते हैं|
जलकर दीप जग में प्रकाश ही नहीं करते हैं ,
जन- जन के मन में उत्साह-उमंग भी  भरते  हैं|  
पर्यावरण -

 गाँव-गाँव और शहर-शहर में ,
फैलानी होगी क्रांति |
प्रदुषण हटाओ पर्यावरण बचाओ ,
तभी मिलेगी सुख-शान्ति|

***
अगर तुम ठान लो तो तारे गगन के तोड़ सकते हो,
अगर तुम ठान लो तो रुख हवा का मोड़ सकते हो|
***
कवि की कलम में जो ताकत होती है,
वह बन्दूक और तलवार में नहीं होती...
कवि के विचारों में जो क्रांति होती है,
वह किसी अख़बार में नहीं होती...



कवि एक साधक है,
कविता उसकी साधना...
कवि ईश्वर का अवतार है,
कविता उसकी रचना...”








 

Wednesday, June 29, 2011

mobail-मोबाईल

मोबाईल
 टेलीफोन,टी.वी., कम्प्यूटर का समन्वय है मोबाईल,
विज्ञान की एक अदभूत देन है मोबाईल |
जरूरत के समय एक वरदान है मोबाइल,
साथ ही सोते-जागते जी का जंजाल है मोबाईल|


घड़ी और कैमरे को दिया दुत्कार इस मोबाइल ने,
जग में किया चमत्कार इस मोबाइल ने|
 
मोबाइल युवा धडकनों की जान है,
बच्चे-बूढ़े सभी इस पर कुर्बान हैं|

चोर-उचक्कों की खूबियों से लूटता मोबाइल,
पुलिस की सहायता भी करता मोबाईल|
ताजा खबरों को देश- विदेश भेजता मोबाइल,
ताज के आतंकवादियों का खबरी भी बनता मोबाइल|






Tuesday, April 5, 2011

maraathi nibandh hetu kaavy

मराठी निबंध हेतु काव्य पंक्तियाँ

वृक्ष
__
वाटलं खरचं,नव्हतं कधी  असं घडेल    
आपल्या मैत्रीचा वृक्ष,असा कोलमडून पडेल .

जपून पावलं ताकत जा,चुकुनाहीन घसरू नकोस,
आठवण नाही काढलीस, तरी मला विसरू नकोस.


रखरखत्या कड़क उन्हांन
वाटसरू त्रस्त झाला 
 विसावा घ्यावा थोड़ा म्हणून 
वृक्षाखाली बसला.

माय शेतात काम करताना
पावसाची सर आली,
अंग भिजू नए म्हणून 
वृक्षाच्या आसराखाली आली.


माणसांच्या जागीसाठी
दाटी करितात माड
गर्द मधेच एखादे 
आम्ब्या फणसाचे झाड. 
असो झाडी किंवा वाडी
सूने नाही वाटायचे
नादी आपुल्याच  कोणी 
 तेथे गात असायचे.

उन्हात राहून उभा,देत से छाया दूसर्याना,
फले स्वतःची स्वतः न खातो ,देतो दूसर्याना.
पाऊस  पड्न्यासाठी अडवी काळ्या मेघांना
    कोण हां मित्र असा.
_________________________
 माझी आई 

 जिच्या हाती पाल्ण्याची दोरी,
ती जगाते उद्धारी. 

स्त्री ही त्यागची मंगल मूरती आहे,
आई ही श्रद्धाची मूरती, दैवत आहे.

स्वामी तिन्ही जगाचा, आई विना भिकारी. 

फूलात फूल जाईचे ,
जगात खरे प्रेम आईचे. 
    
प्रत्येक सातव्या जन्मी मी 
सात जन्म मागणार आहे
तुमच्याच पोती येण्यासाठी मी
एक तरी तप करणार आहे.......

आई उन्हाची सावली
आई सुखाचा सागर,
निला आकाश एवढा 
तिचा मायेचा पदर.
जननी म्हणजे आई व् मातृभूमि  ही स्वर्गाहून थोर आहे.





 

Friday, January 14, 2011

शेयर बाज़ार -कंपनी के लाभ की गिनती कैसे होती है|

शेयर बाज़ार -कंपनी के लाभ की गिनती कैसे होती है|
कंपनी प्रतिवर्ष अपने हिसाब की जाँच करवाकर अपने शेयर होल्डर्स को 
ओडिटर्स की रिपोर्ट के साथ यह हिसाब प्रतिवर्ष भेजती है|  यह हिसाब शेयर होल्डर्स द्वारा मंजूर करवाना पड़ता है|इसलिए हिसाब के साथ कंपनी वार्षिक साधारण सभा (AGM) भी बुलाती है ,उसमें प्रत्येक शेयर होल्डर्स को प्रत्यक्ष हाजिर होने का हक़ है|यदि शेयर होल्डर स्वयं हाजिर न हो सके तो  उसे अपनी तरफ से किसी  अन्य व्यक्ति को साधारण सभा में भेजने का हक़ है|इसके लिए उसे प्रोक्सी फार्म भरकर भेजना पड़ता है ,प्रोक्सी फार्म में जिस व्यक्ति का नाम दिया जाता है वह वार्षिक साधारण सभा में हाजिर रह सकता है| 
वार्षिक साधारण सभा में कंपनी स्वयं के ओडिटर्स की नियुक्ति को घोषित करना, कंपनी द्वारा जारी किए गए डिविडेंड को शेयर होल्डर्स द्वारा मंजूर करवाना ,कंपनी के डायरेक्टर्स की नियुक्ति करना,कंपनी का हिसाब शेयर होल्डर्स द्वारा मंजूर करवाना इत्यादि कार्य किए जाते हैं|इसके अलावा पहले से मंजूरी लेकर शेयर होल्डर्स स्वयं के  प्रश्नों के जवाब प्राप्त कर सकते हैं|
कंपनी स्वयं के माल के उत्पादन और विक्रय में से जो आय प्राप्त करती है उसके सामने उसे माल खरीदी और उत्पादन करने के लिए खर्च करने करना पड़ता है| कंपनी की ऑफिस चलाने के लिए भी खर्च करना पड़ता है|कुल आय में से कुल खर्च घटाने पर कंपनी ने कितना लाभ किया है यह जाना जा सकता है|इस लाभ को प्राफिट बिफोर इंटरेस्ट, डेप्रिसिएशन,और टेक्स (PBIDT) कहा जाता है|इस लाभ में से ब्याज और घिसावट खर्च को कम  किया जाय तब  जो लाभ बचता है उसे प्रोफिट बिफोर टेक्स (PBT) कहा जाता है|इस लाभ में से कंपनी को जो टेक्स भरना पड़ता है उसे कं किया जाए तब बचे हुए लाभ को प्रोफिट आफ्टर  टेक्स(PAT) कहा जाता है|ये टेक्स इस कंपनी द्वारा अनिवार्यतः भरा जाने  वाला कर है|
कंपनी ने गए वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रोफिट आफ्टर टेक्स जितना बढाया हो उतनी कंपनी की वृद्धि दर गिनी जाती है|यदि एक कंपनी ने गए वर्ष एक करोड़ प्रोफिट ऑफ्टर टेक्स किया हो और इस वर्ष एक करोड़ बीस लाख करे तो कंपनी की वृद्धि दर २०% गिनी जाती है |यदि कंपनी का घसारा, ब्याज और कर कम करने से पहले का लाभ (PBIDT) भी गए वर्ष की तुलना में बढ़ा हो तो उसके दो कारण हो सकते हैं|१.-कंपनी का विक्रय बढ़ा हो |२.-कंपनी पिछले  वर्ष जिस दर से लाभ अर्जित करती थी ,उस लाभ दर में वृद्धि हुई हो|उदाहरणार्थ -यदि एक कंपनी के पिछले वर्ष का लाभ उसके विक्रय का ३०% है और पिछले  वर्ष का विक्रय ५ करोड़ है तो इस कंपनी का लाभ (PBIDT)डेढ़ करोड़  गिना जाता है|यदि कंपनी इस वर्ष भी ३०%लाभ उसके विक्रय पर करे और विक्रय यदि 8 करोड़ हो तो लाभ २.४ करोड़ होगा|यदि विक्रय गए वर्ष जितना  ५ करोड़ही है तो लाभ डेढ़ करोड़ ही होगा| किन्तु यदि कंपनी लाभ की दर ३०% से बढाकर ४०% करती है तो विक्रय ५ करोड़ होने पर भी लाभ २ करोड़ होगा जो पिछले वर्ष से ५० लाख रूपए बढ़ जाएगा| इसका कारण कंपनी ने अपने लाभ की दर बढ़ाई है| कंपनी की विक्रय के ऊपर इस दर को ऑपरेटिंग प्रोफिट मार्जिन (OPM) कहा जाता है| ऑपरेटिंग प्रोफिट मार्जिन (OPM)की तुलना करने से कौनसी कंपनी ज्यादा कुशल है ,यह जाना जा सकता है|जिस कंपनी का (OPM) बढ़ाया जाता है,उसका विक्रय बढ़ते ही उसका (PBIDT) दूसरी कंपनी की तुलना में शीघ्रता से बढेगा|यदि दूसरी सभी बातों में  कंपनी एक सामान हो तो निवेशक दोनों कंपनी   में से जिस कंपनी ने (OPM) लाभ दर बढ़ाई है, उसके शेयर को ज्यादा भाव देने को तैयार होगा| 
कंपनी स्वयं के मूल व्यवसाय के अलावा दूसरी प्रवृत्तियों में से भी लाभ अर्जित कर सकता है|जैसे की कंपनी स्वयं की कोई जमीन बेचकर लाभ करती है कंपनी की बढ़ी हुई आय (OTHER INCOME) मानी जाती है|कंपनी स्वयं की खरीदी उत्पादन और विक्रय की मूल प्रवृति के अलावा जो कोई आय करती है वह (OTHER INCOME) में अपने आप शामिल हो जाती है| OPM की  गिनती  करते  समय इस अतिरिक्त आय को ध्यान में नहीं रखा जाता है|विक्रय के उत्पादन में कार्यरत कंपनी यदि स्वयं के निवेश पर ब्याज अर्जित करती है तो वह भी कंपनी की OTHER INCOME गिनी जाती है|इस OTHER INCOME को ज्यादा महत्व इसलिए नहीं दिया जाता है क्योंकि यह कभी भी बंद हो सकती है| उदाहरणार्थ जो कंपनी स्वयं के ब्याज  पर रखे हुए निवेश को यदि उठा लेती है और उसे स्वयं के धंधे  में एक नया निवेश करती है तो उसकी ब्याज की आय बंद हो जाती है|