नारी तुम शक्ति ,शौर्य ,साहस ,
त्याग की मूरत प्यारी हो |
तुम्हीं लक्ष्मी ,सरस्वती ,सीता .सावित्री ,
तुम्हीं काली कलकत्ते वाली हो |
पुत्री ,बहन ,पत्नी ,माता हो या सखा ,
हर रूप में तुम निराली हो |
तुमसे ही घर स्वर्ग है ,
तुम इस स्वर्ग की चार दीवारी हो |
तुम हो तो हर दिन दीवाली है ,
वरना दीवाली भी केवल अमावस काली है |
डॉ.संध्या'राज'मेहता
मीरा रोड
mob-9029208468
No comments:
Post a Comment