Wednesday, April 8, 2020

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ

बेटियों से न डर ए इंसान
बेटियाँ  हैं ईश्वर का वरदान।

किसी जीव की हत्या पाप है,
पर भ्रूण हत्या तो महापाप है।
वह जीवन जो तुम्हारा ही अंश है,
स्व- कोख में पनपा खुद का वंश है।

उसे मारने की इच्छा भी सर्प-दंश है,
शायद मानव दानव का अपभ्रंश है।
यदि दानव बन किया यह कार्य,
तो अब प्रायश्चित भी हो स्वीकार्य।

दृढ़ निश्चय है , प्रतिज्ञा है , शपथ है,
सदा बेटियों को पढ़ाने का प्रण है।
शिक्षा और संस्कारों का रोपण दे, 
हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प है

बेटियों का बहुत हुआ संहार ,
अब न किसी से डरना है।
बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,
 केवल नारा नहीं ,सत्य करना है।

-डॉ.संध्या 'राज' मेहता
मीरारोड़
2019 

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