Tuesday, April 7, 2020

प्यार का पहला अहसास



पहली बार  कुछ ऐसा हो गया ,
मन मानो बरसाती हो गया।

खुला आसमां सिमटकर एक रंगीन कोना हो गया।
प्यार में मन का कोना- कोना शर्मिला हो गया।
पहली  बार  ....

जीवन में कई रंग रंगीन हो गए ,
प्यार का पहला रंग इंद्रधनुषी हो गया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

मूंदे नयन भी छलकाए प्यार,
अधर खुले, पर जुबां का द्वार बंद हो गया।
पहली

चेहरे ने पढ़ दिए सब दिल के छंद,
अनकही जुबाँ को शर्मीली अँखियों ने बता दिया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

 नैनों में छिपा प्यार गहरा ,प्यार से निखरा चेहरा
प्यार ने जीवन बगिया को महका-महका दिया ।
पहली बार  ........

अलसाई अल्हड़ शर्मीली अँखियाँ इठलाने लगी,
खुश होकर झुकी पलकों ने  दिल का हाल  सुना दिया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

प्यार की अनछुई अनुभूति होले से छू गई।
उल्लसित मन की किरणों ने विकसित यौवन को प्रस्फुटित  कर दिया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

गुलाबी सी  रतियाँ छुई मुई सी हुई बतियाँ
अधरों की चमक ने प्यार को लाली बना दिया। .
पहली बार  ........

केसरिया हुई धड़कन कई सपने बुन गई।
गालों की रौनक ने प्यार को चुम लिया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

प्यार का रूबरूअहसास शर्मिला मन करने लगा ,
प्यार का स्पर्श तन-मन को भा गया।
पहली बार  ......

प्यार की पहली बौछार तन को छूने  लगी ,
सौंधी खुशबू ने मन को सरोबार कर दिया।

पहली बार कुछ ऐसा हो गया,
मन मानो बरसाती हो गया।

डॉ. संध्या राज मेहता
मीरारोड़ ,मुम्बई
15/12/2018
नीमच,म.प्र.

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